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लोमडी़ की सगाई |
जंगल में था शोर बड़ा
सारा जंगल सजा हुआ
लोमड़ी की है ,आज सगाई
गीदड़ ने ये बात बताई
हाथी जाकर बाजा़ लाया
छमछम भालू नाचते आया
मिलकर सब ने गाई बधाई
लोमड़ी मन ही मन शर्माई
बंदर सब की थाल सजाता
एक-एक लड्डू खाता जाता
हाथी बोला, अब लाओ
खाना
होगया बस,गाना बजाना
पेट में चूहे दौड़ रहे
हैं
ला भई- ला भई बोल रहे
हैं
अब खाने की जब बारी
आई
लड्डू का न पता था
भाई
सब ने मिलकर शोर मचाया
बंदर को तब मार भगाया
*********
महेश्वरी कनेरी
बहुत ही प्यारी कविता
ReplyDeleteसादर
ReplyDeleteबहुत सुंदर पोस्ट बना है दीदी .... !!
मज़ा आगया :))
अरे दी.......छोटी बन गयी हूँ (फिल छे...)
ReplyDelete:-)
सादर
अनु
बहुत अच्छी प्रस्तुति!
ReplyDeleteइस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (20-10-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ! नमस्ते जी!
धन्यवाद .शास्त्री जी...
Deleteबहुत सुंदर बाल रचना
ReplyDeleteबहुत बढिया
प्यारी कविता...
ReplyDeleteकितनी Cute कविता है !:)) मन फिर वापस बचपन के स्वर्ग में पहुँच गया !:)
ReplyDelete~सादर !!!
बहुत सुन्दर
ReplyDeleteबहुत प्यारी रचना..
ReplyDelete:-)
बहुत मजेदार बाल गीत...
ReplyDeleteचित्र और कविता दोनों सुंदर!!
ReplyDeleteनया ब्लॉग आज ही देखा|
शुभकामनाएँ!!